पटना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने बेहद लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) के 134वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न विषयों के साथ-साथ बिहार की खान-पान संस्कृति और कृषि उत्पादों की जमकर सराहना की. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बिहार के पारंपरिक पेय ‘सत्तू’ और भागलपुर के विश्वप्रसिद्ध ‘जर्दालु आम’ का विशेष रूप से उल्लेख किया.
प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय मंच पर बिहार के गौरव को सराहे जाने के बाद राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई है. बिहार के उपमुख्यमंत्री सह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने इसके लिए प्रधानमंत्री के प्रति विशेष आभार प्रकट किया है.
सत्तू को बताया भीषण गर्मी का सबसे बेहतरीन रक्षक
मई महीने में देश भर में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ और भीषण गर्मी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को अपनी सेहत और खान-पान के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी:
-
ताकत और शीतलता का मिश्रण: पीएम मोदी ने बिहार के पारंपरिक ‘सत्तू’ (Sattu) की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह एक ऐसा अद्भुत और सुलभ पेय है, जो भीषण गर्मी में पेट को तो भरता ही है, साथ ही शरीर को भीतर से शीतलता और अपार ताकत भी प्रदान करता है.
-
बिहार के खान-पान का सम्मान: प्रधानमंत्री के इस बयान को देश भर में बिहार के सीधे और सादगी भरे खान-पान को मिले एक बड़े राष्ट्रीय सम्मान के रूप में देखा जा रहा है.
जर्दालु आम की अनोखी खुशबू के कायल हुए पीएम मोदी
चूंकि वर्तमान में आम (Mango) का सीजन चल रहा है, इसलिए प्रधानमंत्री ने देश के अलग-अलग राज्यों की मशहूर आम की किस्मों की चर्चा की. उन्होंने बिहार की विशेष पहचान ‘जर्दालु आम’ (Jardalu Mango) की तारीफ करते हुए कहा कि इस आम की खुशबू इतनी अनूठी और मनमोहक होती है कि इसे दूर से ही पहचाना जा सकता है. इसके साथ ही उन्होंने देश के अन्य प्रसिद्ध आमों जैसे चौसा, मालदा, दशहरी, लंगड़ा, अल्फांसो और केसर का भी नाम लिया.
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा- ‘किसानों और उद्यमियों का बढ़ा मान’
प्रधानमंत्री के इस संबोधन के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी का धन्यवाद करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया:
-
सांस्कृतिक विरासत को पहचान: सम्राट चौधरी ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री हमेशा देश की विविध संस्कृति, लोक परंपराओं और स्थानीय उत्पादों (Local Products) को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाते हैं.
-
ग्लोबल बाजार में बढ़ेगी मांग: उन्होंने कहा कि सत्तू और जर्दालु आम का यह उल्लेख बिहार के मेहनती किसानों, छोटे उद्यमियों और आम नागरिकों के कड़े परिश्रम का सीधा सम्मान है. इससे ‘वोकल फॉर लोकल’ (Vocal for Local) अभियान को बल मिलेगा और बिहार के उत्पाद अब गांवों से निकलकर ग्लोबल (वैश्विक) बाजारों में धूम मचाएंगे, जिसका सीधा आर्थिक लाभ हमारे किसानों को मिलेगा.
