पश्चिम बंगाल. पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक राजनीतिक बदलाव के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के मंत्रिमंडल का पहला बड़ा विस्तार सोमवार को संपन्न हो गया. राजभवन (लोक भवन) में आयोजित एक भव्य और गरिमामय समारोह में राज्य के राज्यपाल आरएन रवि ने सभी नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. समारोह की शुरुआत में मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने आधिकारिक रूप से मंत्रियों के नामों की घोषणा की. हालांकि, इस शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मंत्रियों के बीच विभागों (पोर्टफोलियो) के बंटवारे को लेकर अभी आधिकारिक सूची आना बाकी है.
मंत्रिमंडल में 35 चेहरे शामिल; कैबिनेट, स्वतंत्र प्रभार और राज्य मंत्रियों की सूची
इस कैबिनेट विस्तार में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधते हुए कुल 35 विधायकों को मंत्री पद की कमान सौंपी गई है:
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कैबिनेट (पूर्ण) मंत्री: तापस रॉय, मनोज ओरांव, अर्जुन सिंह, गौरी शंकर घोष, दीपक बर्मन, अरूप कुमार दास, स्वपन दासगुप्ता, कल्याण चक्रवर्ती, शंकर घोष और दुधकुमार मंडल ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली.
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राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार): मालती रावा राय, राजेश महतो और डॉ. इंद्रनील खान को स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी दी गई है.
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राज्य मंत्री: पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा, ज्वेल मुर्मू, हरेकृष्ण बेरा, शांतनु प्रमाणिक, उमेश रॉय, पूर्णिमा चक्रवर्ती, भास्कर भट्टाचार्य, कलिता माजी, बिराज विश्वास, आनंदमय बर्मन, विशाल लामा और दीपांकर जाना को राज्य मंत्री बनाया गया है.
बड़ी चूक या राजनीतिक रणनीती? राजनीतिक गलियारों में चल रही तीव्र चर्चाओं के विपरीत, कद्दावर नेत्री रूपा गांगुली और अभिनेता से राजनेता बने रुद्रनील घोष को इस बार मंत्रिपरिषद की सूची में जगह नहीं मिल सकी है.
9 मई को शुभेंदु अधिकारी ने रचा था इतिहास
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक और अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 200 से अधिक सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज की थी. इसके बाद:
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9 मई को हुआ था पहला शपथ ग्रहण: शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के इतिहास में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था.
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शुरुआती कैबिनेट: उनके साथ शुरुआती दौर में महज पांच प्रमुख विधायकों—अग्निमित्रा पॉल, निशिथ प्रमाणिक, दिलीप घोष, अशोक और खुदीराम टुडू ने मंत्री पद की शपथ ली थी.
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दिग्गजों का लगा था जमावड़ा: इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने शिरकत की थी.
आज हुए इस भव्य विस्तार के बाद शुभेंदु सरकार अब पूर्ण रूप से अपने ‘मिशन बंगाल’ और विकास कार्यों को गति देने के लिए तैयार है. आम लोगों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि गृह, वित्त और शिक्षा जैसे भारी-भरकम विभाग किस दिग्गज के पाले में जाते हैं.
