देवघर में जमीन विवाद की बलि चढ़ा बच्चों का भविष्य: कोर्ट के आदेश पर सील हुआ चांदना मध्य विद्यालय; आक्रोशित छात्रों ने BEEO को घंटों बनाया बंधक, पुलिस ने छुड़ाया

देवघर

देवघर. झारखंड के देवघर जिले के सोनारायठाढ़ी प्रखंड से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जमीन विवाद के कानूनी दांव-पेच का सीधा असर अब मासूम बच्चों की शिक्षा पर पड़ने लगा है. न्यायालय (कोर्ट) के एक सख्त आदेश के अनुपालन में रविवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चांदना के पूरे परिसर को आधिकारिक रूप से सील कर दिया गया. सोमवार की सुबह जब करीब 250 छात्र-छात्राएं रोजाना की तरह स्कूल पहुंचे, तो मुख्य गेट पर बड़ा सा ताला और सरकारी सील लटकी देख उनके होश उड़ गए. स्कूल बंद होने से भड़के छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने स्कूल के बाहर ही मुख्य सड़क को जाम कर जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के खिलाफ उग्र नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू कर दिया.

मौके पर पहुंचे BEEO को भीड़ ने घेरा, घंटों बंधक बनाकर रखा; भारी पुलिस बल ने कराया मुक्त

स्कूल सील होने और छात्रों के सड़क पर उतरने की खबर मिलते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया, जिसके बाद आनन-फानन में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (BEEO) अमिताभ झा को स्थिति संभालने के लिए मौके पर भेजा गया:

  • अधिकारियों को बनाया बंधक: जैसे ही बीईईओ अमिताभ झा स्कूल परिसर के पास पहुंचे, वहां पहले से मौजूद आक्रोशित छात्रों और सैकड़ों अभिभावकों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया. प्रदर्शनकारियों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बीईईओ को काफी देर तक बंधक बनाए रखा और मौके से जाने नहीं दिया.

  • प्रशासनिक हस्तक्षेप: घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सोनारायठाढ़ी थाना प्रभारी रोहित दांगी पुलिस बल के साथ और बीडीओ नीलम कुमारी तुरंत मौके पर पहुंचे. पुलिस ने काफी मशक्कत और ग्रामीणों को समझाने-बुझाने के बाद बीईईओ को भीड़ के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला. अधिकारियों द्वारा जल्द ही शिक्षा बहाली का ठोस भरोसा दिए जाने के बाद सड़क जाम हटाया जा सका.

[जमीन विवाद में कोर्ट का आदेश] ───> चांदना स्कूल पूरी तरह सील (250 छात्र प्रभावित)
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                   [छात्रों का उग्र प्रदर्शन + BEEO बंधक]
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             [पुलिस-प्रशासन का रेस्क्यू + वैकल्पिक व्यवस्था की घोषणा]

250 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित; मंगलवार से नजदीकी स्कूल में होंगे ‘टैग’

बीईईओ अमिताभ झा ने बताया कि न्यायिक आदेश के कारण स्कूल को सील करना एक कानूनी मजबूरी थी, लेकिन इससे लगभग 250 छात्र-छात्राओं की नियमित कक्षाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं. इसकी विस्तृत रिपोर्ट विभाग के वरीय अधिकारियों को भेज दी गई है.

वैकल्पिक व्यवस्था का खाका: जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) मधुकर कुमार ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बच्चों के शैक्षणिक सत्र को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा. विभाग ने निर्णय लिया है कि चांदना विद्यालय के सभी 250 बच्चों को मंगलवार तक पास के ही एक सरकारी स्कूल के साथ ‘टैग’ (Tag) कर दिया जाएगा. मंगलवार की सुबह से ही सभी बच्चे टैग किए गए स्कूल में अपनी नियमित कक्षाएं ले सकेंगे और वहीं उनका मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) भी बनेगा.

हाईकोर्ट जाने की तैयारी में शिक्षा विभाग; कानूनी विशेषज्ञों से ली जा रही है राय

चांदना मध्य विद्यालय के अस्तित्व और सरकारी भवन को बचाने के लिए अब शिक्षा विभाग कानूनी लड़ाई लड़ने के मूड में आ गया है.

जिला शिक्षा अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जिस जमीन विवाद के कारण विद्यालय परिसर को सील किया गया है, उसके आदेश की प्रति का अध्ययन कानूनविदों और सरकारी वकीलों द्वारा किया जा रहा है. विभाग बच्चों के व्यापक हित और सरकारी संपत्ति की रक्षा के लिए इस फैसले के खिलाफ बहुत जल्द झारखंड उच्च न्यायालय (High Court) की खंडपीठ में एक मजबूत अपील दायर करने की तैयारी कर रहा है, ताकि स्कूल को वापस अपने मूल भवन में संचालित किया जा सके.

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