हजारीबाग. शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत हजारीबाग के निजी स्कूलों में फ्री नामांकन का सपना देख रहे 279 गरीब बच्चों का भविष्य अधर में लटका है. नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए 19 दिन बीत चुके हैं, लेकिन कागजी प्रक्रियाओं और आय प्रमाण पत्र की जटिलताओं के कारण 23 स्कूलों में नामांकन प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है.
नामांकन में आ रही मुख्य बाधाएं:
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आय प्रमाण पत्र का पेंच: जिला प्रशासन ने सालाना 72,000 रुपये की आय का प्रमाण पत्र अनिवार्य किया है. कई अंचल कार्यालय इस राशि का प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहे हैं, जिससे अभिभावक परेशान हैं.
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फर्जीवाड़े की जांच: शिक्षा विभाग को बड़ी संख्या में फर्जी आय प्रमाण पत्र मिले हैं. अब हर एक डॉक्यूमेंट की गहन जांच की जा रही है, जिससे प्रक्रिया में और देरी हो रही है.
स्कूलवार सीटों का गणित: कुल 550 आवेदनों में से 279 बच्चों की सूची तैयार की गई है. इसमें बरही डीएवी में 10, दिल्ली पब्लिक स्कूल (शहरी) में 15, संत स्टेफन में 15 और ओएसिस स्कूल में 10 सीटें निर्धारित हैं. सबसे अधिक 20-20 सीटें इचाक और चौपारण के प्रमुख स्कूलों में तय की गई हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी: जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) आकाश कुमार ने बताया कि विभाग पूरी गंभीरता से काम कर रहा है. फर्जीवाड़े को रोकने के लिए जांच जरूरी है, लेकिन जल्द ही सभी योग्य बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कर लिया जाएगा. फिलहाल, इस देरी से बच्चों की शुरुआती पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
