तेहरान. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखने के फैसले के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है. ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के लिए नए और बेहद सख्त नियम लागू कर दिए हैं.
ईरान के नए समुद्री कानून:
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तय रास्तों का पालन: व्यापारिक जहाजों को केवल ईरान द्वारा निर्धारित समुद्री रास्तों से ही गुजरने की अनुमति होगी.
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अनुमति अनिवार्य: इस क्षेत्र में किसी भी हलचल के लिए ईरान की नेवी से पहले इजाजत लेनी होगी.
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मिलिट्री जहाजों पर रोक: IRGC ने स्पष्ट किया है कि किसी भी विदेशी सैन्य जहाज को इस रास्ते से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
’40 दिन के युद्ध’ की चेतावनी: यह विवाद तब और गहरा गया जब डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर नाकाबंदी हटाने से इनकार कर दिया. इसके जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि वर्तमान ‘अस्थायी युद्धविराम’ का उल्लंघन हुआ, तो हालात ’40 दिन के युद्ध’ जैसे हो सकते हैं, जिससे वैश्विक कमर्शियल जहाजों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो सकती है.
दुनिया पर क्या होगा असर? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के कुल तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र है. यदि ईरान यहां आवाजाही रोकता है, तो वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में भारी उछाल और ऊर्जा संकट पैदा होना तय है. ईरानी संसद के स्पीकर ने भी साफ कर दिया है कि इस रास्ते पर अब पूरी तरह ईरान का नियंत्रण होगा.
