रांची. राजधानी रांची में चलती बोलेरो पिकअप वैन में इंटर की एक छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) के करीब सात साल पुराने सनसनीखेज मामले में अदालत ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है. न्यायायुक्त एके मिश्रा की अदालत ने मुख्य आरोपी और वाहन चालक दीपक कुमार महतो को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है.
इसी मामले में दोषी करार दिया गया दूसरा आरोपी (खलासी) छोटू उर्फ गुड्डू कुमार चौहान फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. हालांकि, अदालत ने उसे भी कोर्ट की अवमानना और इस जघन्य अपराध के लिए 20 साल जेल तथा 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.
फरार खलासी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी
अदालत ने फरार चल रहे आरोपी खलासी छोटू उर्फ गुड्डू कुमार चौहान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है और पुलिस को उसे तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजने का आदेश दिया है. वहीं मुख्य आरोपी चालक दीपक कुमार महतो को सजा काटने के लिए रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार (होटवार) भेज दिया गया है.
10 जनवरी 2019 को हाथ-पैर बांधकर की थी दरिंदगी
यह खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना 10 जनवरी 2019 को घटी थी:
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लिफ्ट देने के बहाने बैठाया: पीड़िता डालटनगंज जाने के लिए सड़क किनारे बस का इंतजार कर रही थी. इसी दौरान बोलेरो पिकअप वैन सवार चालक और खलासी वहां पहुंचे और उसे लिफ्ट देने का झांसा देकर गाड़ी में बिठा लिया.
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चलती गाड़ी में हैवानियत: आरोपी गाड़ी को सुनसान रास्ते की ओर ले गए और छात्रा के हाथ, पैर तथा मुंह को कपड़े से बांधकर चलती गाड़ी के भीतर ही बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया.
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सड़क किनारे फेंका, पीसीआर ने बचाई जान: हैवानियत के बाद आरोपी छात्रा को अधमरी स्थिति में सड़क किनारे फेंककर भाग निकले. गश्त कर रही पुलिस की पीसीआर (PCR) टीम ने पीड़िता को देखकर अस्पताल पहुंचाया, जिसके बाद रांची के सदर थाने में नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई थी.
लंबे कानूनी संघर्ष और साक्ष्यों के आधार पर 7 साल बाद अदालत ने पीड़िता को न्याय देते हुए दोषियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है.
