यरुशलम. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि वे ‘प्रोस्टेट कैंसर’ से जूझ रहे थे। शुक्रवार (24 अप्रैल 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (Twitter) पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने अपनी बीमारी और उसके सफल इलाज की जानकारी साझा की। 76 वर्षीय नेतन्याहू ने बताया कि वे अब पूरी तरह फिट हैं और कैंसर को मात दे चुके हैं।
युद्ध के कारण दो महीने की देरी: प्रधानमंत्री ने अपनी सालाना मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक करने में दो महीने की देरी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ चल रहे भीषण युद्ध के बीच वे नहीं चाहते थे कि उनकी सेहत को लेकर दुश्मन देश किसी भी तरह का गलत प्रोपेगेंडा फैलाएं या इसे इजरायल की कमजोरी के रूप में देखें।
कैसे पता चली बीमारी? नेतन्याहू के अनुसार, उनकी सेहत से जुड़ी प्रक्रिया इस प्रकार रही:
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डेढ़ साल पहले: प्रोस्टेट बढ़ने की वजह से उनकी एक सर्जरी हुई थी, जिसके बाद वे डॉक्टरों की नियमित निगरानी में थे।
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ढाई महीने पहले: यरुशलम के हदासा अस्पताल में चेकअप के दौरान डॉक्टरों को प्रोस्टेट में एक सेंटीमीटर से छोटा ट्यूमर मिला। जांच में यह कैंसर की शुरुआती स्टेज (Early Stage) पाई गई।
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इलाज: उन्होंने ‘रेडिएशन थेरेपी’ का विकल्प चुना। दिलचस्प बात यह है कि इलाज के दौरान भी वे लगातार काम करते रहे और अपनी पसंद की किताबें पढ़ते रहे।
फेक न्यूज और प्रोपेगेंडा का मुकाबला: नेतन्याहू ने खुलासा किया कि युद्ध की शुरुआत में ईरानी मीडिया ने उनकी मौत की एआई (AI) से बनी फर्जी तस्वीरें फैलाई थीं। ऐसी स्थिति में अपनी बीमारी की बात उजागर करना रणनीतिक रूप से जोखिम भरा हो सकता था। अब जब ट्यूमर पूरी तरह खत्म हो चुका है, तब उन्होंने पारदर्शिता बरतते हुए जनता को सच बताया है।
मेडिकल रिपोर्ट: “पूरी तरह फिट” हदासा अस्पताल की मेडिकल टीम ने प्रधानमंत्री की शारीरिक स्थिति को ‘बेहतरीन’ बताया है। नेतन्याहू ने डॉक्टरों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह एक मामूली मेडिकल समस्या थी जिसे समय रहते ठीक कर लिया गया। उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में युद्ध में घायल हुए लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
बता दें कि ईरान और इजरायल के बीच चल रहा यह संघर्ष अब अपने आठवें हफ्ते में पहुंच गया है, और नेतन्याहू का यह बयान उनकी मजबूती को दिखाने की एक कोशिश माना जा रहा है।
