रांची. राजधानी के वार्ड संख्या 41 स्थित सामुदायिक भवन को रांची नगर निगम द्वारा सील किए जाने के बाद इलाके में तनाव व्याप्त हो गया है। सहायक नगर आयुक्त ने मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इस कार्रवाई को अंजाम दिया। निगम का दावा है कि यह उसकी परिसंपत्ति है जिस पर कुछ लोगों ने अनाधिकृत कब्जा कर रखा था। हालांकि, इस कार्रवाई के विरोध में स्थानीय निवासियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भवन के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
पार्षद पर गंभीर आरोप: भवन के सचिव विशाल सिंह और प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्रीय पार्षद नीलम चौधरी पर सीधे आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि:
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निजी कार्यालय की साजिश: पार्षद इस पुराने सामुदायिक भवन को अपने निजी कार्यालय के रूप में इस्तेमाल करना चाहती हैं।
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भ्रामक जानकारी: आरोप है कि पार्षद ने नगर निगम को गलत जानकारी देकर जानबूझकर इस सार्वजनिक भवन को सील करवाया है।
शादी-ब्याह के सीजन में संकट: कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को ‘जनविरोधी’ करार दिया है। उनका कहना है कि यह भवन वर्षों से गरीबों के लिए सहारा रहा है, जहाँ श्राद्ध जैसे कार्यक्रम निःशुल्क और विवाह समारोह मात्र 1100 रुपये में संपन्न होते थे।
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बुकिंग फंसी: प्रदर्शनकारियों के अनुसार, भवन में 23, 24, 26, 28 अप्रैल और 1 से 8 मई तक विवाह कार्यक्रमों की पहले से बुकिंग है। सील होने के कारण इन परिवारों के सामने बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है।
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ठप हुईं सेवाएं: यहाँ संचालित होने वाला अटल क्लिनिक, बुजुर्गों के लिए योग सत्र और बच्चों की पेंटिंग क्लासेज भी बंद हो गई हैं।
आंदोलन की चेतावनी: महानगर कांग्रेस के प्रवक्ता इंद्रजीत सिंह और प्रदेश महासचिव कमल ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि जब तक सील नहीं खोली जाती, धरना जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो नगर निगम का घेराव कर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
धरने में रविशंकर, अभिषेक सिंह, सीमा हेम्ब्रम और आकाश रजवार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हैं। फिलहाल, नगर निगम ने भवन के गेट पर नोटिस चस्पा कर किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करने की सख्त हिदायत दी है।
