जमशेदपुर. हरियाणा के भिवाड़ी स्थित दिल्ली-जयपुर हाईवे पर सोमवार रात एक भीषण हादसे ने जमशेदपुर के पोटका क्षेत्र में मातम पसरा दिया है. कापड़ियावास में सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी की एक निर्माणाधीन साइट पर खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई, जिसकी चपेट में आने से कुल 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों में पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका थाना क्षेत्र अंतर्गत पोहीत गांव के दो युवक— भागीरथ गोप और संजीव गोप भी शामिल हैं. इस हादसे में 4 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है.
पोहीत गांव में जैसे ही दोनों युवकों की मौत की खबर पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. जानकारी के अनुसार, भागीरथ और संजीव अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कुछ समय पहले ही मजदूरी करने हरियाणा गए थे. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच रहे हैं. स्थानीय प्रशासन और SDRF की टीम ने भारी मशीनों की मदद से मलबे को हटाकर शवों को बाहर निकाला. मृतकों की पहचान भागीरथ गोप, संजीव गोप के अलावा शिवशंकर, परमेश्वर मेहता, मंगल मेहता, सतीश और धनंजय मेहता के रूप में हुई है.
प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की बात सामने आ रही है. मजदूरों का आरोप है कि मिट्टी धंसने की आशंका के बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे. प्रशासन ने निर्माण कंपनी के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इधर, पोटका के ग्रामीणों और परिजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि दोनों युवकों के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक गांव लाने की व्यवस्था की जाए और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए.
