रांची. झारखंड में कोषागार (ट्रेजरी) से अवैध निकासी के सनसनीखेज मामले ने राज्य की सियासत और प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है. सरकार ने इस घोटाले पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ ‘डबल अटैक’ की तैयारी कर ली है. वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने प्रोजेक्ट भवन में प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि इस मामले की तह तक जाने के लिए दो अलग-अलग स्तरों पर उच्चस्तरीय जांच होगी.
IAS कमेटी और CID: दोहरी जांच की तैयारी
वित्त मंत्री ने बताया कि घोटाले की फाइल मुख्यमंत्री के पास भेज दी गई है और जांच का खाका तैयार है:
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हाई लेवल कमेटी: वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की अध्यक्षता में एक समिति तकनीकी खामियों और प्रशासनिक मिलीभगत की जांच करेगी.
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CID जांच: मामले के आपराधिक साजिश वाले हिस्से और गबन के पीछे के चेहरों को बेनकाब करने की जिम्मेदारी सीआईडी (CID) को सौंपी गई है.
हजारीबाग, बोकारो और रांची में ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
प्रारंभिक जांच में विशेष रूप से हजारीबाग, बोकारो और रांची के कोषागारों में वेतन के नाम पर भारी अनियमितताएं पाई गई हैं.
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नियमों की अनदेखी: वित्त मंत्री के अनुसार, मोटी रकम निकालने के लिए ट्रेजरी के सुरक्षा तंत्र और नियमों को ताक पर रखा गया.
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तकनीकी चूक: जांच कमेटी यह पता लगाएगी कि सरकारी सॉफ्टवेयर या प्रक्रिया में ऐसी कौन सी खामी थी जिसका फायदा उठाकर यह हेरफेर किया गया.
राज्य के सभी 33 कोषागारों का होगा ऑडिट
सरकार अब राज्य के किसी भी हिस्से में जोखिम नहीं लेना चाहती.
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विस्तृत ऑडिट: राज्य के सभी 33 कोषागारों का गहन ऑडिट कराया जाएगा.
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ऑनलाइन मॉनिटरिंग: विभाग के वेब पोर्टल के माध्यम से हर ट्रांजैक्शन की रीयल-टाइम निगरानी की जा रही है. किसी भी संदिग्ध डेटा या ट्रांजैक्शन पर तत्काल विशेष टीम भेजकर कार्रवाई की जाएगी.
दोषियों को सीधी चेतावनी: “कोई रियायत नहीं”
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कड़े शब्दों में कहा कि जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों पर न केवल विभागीय गाज गिरेगी, बल्कि उन पर सख्त कानूनी मुकदमे भी दर्ज किए जाएंगे. सरकार का उद्देश्य इस कार्रवाई के जरिए एक ऐसी नजीर पेश करना है कि भविष्य में कोई भी सरकारी खजाने के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके.
