JPSC गड़बड़ी मामला: लगातार दूसरे दिन CID दफ्तर पहुंचे पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते; घंटों चली पूछताछ, पासपोर्ट जब्त होने की चर्चा

झारखंड रांची

रांची. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा गड़बड़ी मामले में सीआईडी (CID) और एसआईटी (SIT) का शिकंजा कसता जा रहा है. आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से पूछताछ के लिए उन्हें लगातार दूसरे दिन बुधवार (29 जुलाई 2026) को भी सीआईडी कार्यालय बुलाया गया. इससे पूर्व, नोटिस मिलने के बाद वे मंगलवार (28 जुलाई) को भी सीआईडी दफ्तर पहुंचे थे, जहां उनसे करीब 8 घंटे तक मैराथन पूछताछ की गई थी. सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है, हालांकि सीआईडी ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है.

एसआईटी के तीखे सवाल: ब्लैकलिस्टेड कंपनी और अधिकारियों की भूमिका पर घेरा

मंगलवार को हुई पूछताछ में एसआईटी की टीम ने पूर्व अध्यक्ष से परीक्षा संचालन और चयन प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल दागे:

  • ब्लैकलिस्टेड कंपनी का चयन: जांच टीम ने पूछा कि गड़बड़ी में आरोपी ब्लैकलिस्टेड कंपनी के चयन में उनकी क्या भूमिका थी.

  • अभय तिवारी से संबंध: टीडीपीएल (TDPL) के मार्केटिंग मैनेजर और वर्तमान में खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी अभय तिवारी के साथ उनके संबंधों को लेकर सवाल किए गए.

  • उपपरीक्षा नियंत्रक का मामला: तबादला हो जाने के बावजूद उपपरीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता किस आधार पर जेपीएससी में बनी रहीं, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया.

21 जुलाई को दिया था इस्तीफा, अध्यक्ष पद खाली होने से काम ठप

एल खियांग्ते ने 21 जुलाई 2026 को जेपीएससी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से यह संवैधानिक पद खाली पड़ा है. अध्यक्ष की अनुपस्थिति में आयोग न तो कोई नई परीक्षा आयोजित कर पा रहा है और न ही लंबित परीक्षाओं के परिणाम जारी कर पा रहा है.

6 अगस्त से पहले नए अध्यक्ष की नियुक्ति पर मंथन तेज

विधानसभा के आगामी मॉनसून सत्र (6 अगस्त से शुरू) में विपक्ष द्वारा जेपीएससी मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बनाई गई है. इसे देखते हुए राज्य सरकार नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर तेजी से मंथन कर रही है:

  • आईएएस को मिल सकता है प्रभार: संभावना जताई जा रही है कि 6 अगस्त से पहले आयोग में किसी सेवानिवृत्त आइएएस, आइपीएस, आइएफएस अधिकारी को स्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है या फिर किसी वरिष्ठ IAS अधिकारी को इसका प्रभार दिया जा सकता है.

  • अतीत की स्थिति: इससे पूर्व भी पूर्व अध्यक्ष डॉ. मेरी नीलिमा केरकेट्टा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद करीब 5 महीने तक जेपीएससी अध्यक्ष का पद खाली रहा था, जिसके बाद एल खियांग्ते की नियुक्ति हुई थी.

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