रांची. झारखंड के मौसम के पैटर्न में इस बार एक बड़ा और अनोखा बदलाव (नया ट्रेंड) देखने को मिल रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र के पिछले एक सप्ताह (12 से 18 जुलाई 2026) के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में अब मॉनसून की बारिश लंबे समय तक रुक-रुक कर होने के बजाय महज एक से दो घंटे के ‘शॉर्ट-स्पेल’ (कम समय) में ही भारी मात्रा में हो जा रही है. हाल ही में 17 जुलाई को रामगढ़ में हुई 60.5 मिमी और 18 जुलाई को राजधानी रांची में महज दो घंटे के भीतर दर्ज की गई 50 मिमी की मूसलाधार बारिश इसी नए ट्रेंड की गवाही देती है. कम समय में अत्यधिक पानी बरसने के कारण रांची, मेदिनीनगर और चाईबासा जैसे शहरों में ड्रेनेज सिस्टम फेल हो रहा है और तेजी से जलजमाव की स्थिति बन रही है.
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव (लो प्रेशर) के क्षेत्र से उत्पन्न साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर फिलहाल ओडिशा और छत्तीसगढ़ पर व्यापक है, जिसके प्रभाव से झारखंड में यह बारिश हो रही है. जब यह सिस्टम झारखंड के मध्य से गुजरेगा, तब राज्य में एक-दो दिन लगातार बारिश होने की संभावना बनेगी.
19 और 20 जुलाई को इन जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों के लिए राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट जारी किया है:
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19 जुलाई (रविवार): रांची में आसमान में बादल छाए रहेंगे और मध्यम दर्जे की बारिश होगी. वहीं धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.
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20 जुलाई (सोमवार): रांची में मध्यम बारिश का अनुमान है, जबकि कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद, जामताड़ा, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिलों में भारी वज्रपात और मूसलाधार बारिश को लेकर येलो अलर्ट रहेगा.
झारखंड में अब भी सामान्य से 38% कम वर्षा
भले ही कुछ इलाकों में कम समय में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन रहे हों, लेकिन राज्य में मॉनसून की ओवरऑल स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है. 1 जून से 18 जुलाई 2026 तक की अवधि के आधिकारिक आंकड़े इस प्रकार हैं:
‘शॉर्ट-स्पेल’ ट्रेंड: 1 से 2 घंटे में कहां कितनी हुई बारिश?
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17 जुलाई: रामगढ़ में महज 1 घंटे में 60.5 मिमी, चाईबासा में 1 घंटे में 20 मिमी और रांची में 1 घंटे में 17 मिमी बारिश हुई.
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18 जुलाई: रांची में सिर्फ 2 घंटे के भीतर 50 मिमी पानी बरसा, जिससे मोरहाबादी, रातू रोड और बरियातू की सड़कें डूब गईं. वहीं चाईबासा में भी 1 घंटे में 27 मिमी बारिश दर्ज की गई.
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15-16 जुलाई: सिमडेगा में 15 जुलाई को 1 घंटे में 34 मिमी और 16 जुलाई को 1 घंटे में रिकॉर्ड 41.5 मिमी बारिश दर्ज की गई. मेदिनीनगर में भी दोनों दिन 1 घंटे के भीतर क्रमशः 21 मिमी और 20.8 मिमी बारिश हुई.
