पटना. 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक (महिला आरक्षण से संबंधित) के दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण गिरने के बाद आज पटना की सड़कें ‘जन आक्रोश’ की गवाह बनीं. बीजेपी महिला मोर्चा की ओर से आयोजित इस पदयात्रा में बिहार के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में महिलाएं गांधी मैदान पहुंचीं और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
जंजीरों में जकड़कर जताया विरोध: पदयात्रा के दौरान एक महिला स्वयं को लोहे की जंजीरों में बांधकर पहुंची, जो आकर्षण का केंद्र रही. उसने कहा, “विपक्ष हमें इन्हीं जंजीरों में कैद रखना चाहता है, लेकिन हम अपना 33 प्रतिशत हक लेकर रहेंगे. यह जंजीर हमारे संघर्ष और विपक्ष की मानसिकता का प्रतीक है.”
मंत्री श्रेयसी सिंह का हमला: इस विरोध प्रदर्शन में बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह भी शामिल हुईं. उन्होंने विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा:
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सम्मान की लड़ाई: जब सदन में महिलाओं के हक की बात आती है, तो विपक्ष उसे दबा देता है.
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नेतृत्व पर भरोसा: रिसर्च बताती है कि महिलाओं के नेतृत्व में शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार होता है, लेकिन विपक्ष उन्हें चारदीवारी के अंदर ही रखना चाहता है.
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दोहरा मापदंड: एक तरफ समर्थन का दावा और दूसरी तरफ सदन में बिल के खिलाफ वोट करना विपक्ष के दोहरे चरित्र को उजागर करता है.
पटना में ट्रैफिक व्यवस्था बदली: गांधी मैदान के चारों ओर भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक एसपी सागर कुमार ने सुरक्षा और सुचारू यातायात के लिए कई बदलाव किए:
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नो एंट्री: गांधी मैदान की ओर आने वाले ऑटो और ई-रिक्शा पर पूरी तरह रोक लगा दी गई.
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रूट डायवर्जन: दानापुर की ओर से आने वाले वाहनों को पुलिस लाइन से लौटाया गया. वहीं, अशोक राजपथ से आने वाली गाड़ियां कृष्णा घाट के पास कुनकुन सिंह लेन की ओर मोड़ी गईं.
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बैरिकेडिंग: डाकबंगला चौराहा और भट्टाचार्या चौराहे पर अतिरिक्त बल तैनात कर यातायात को नियंत्रित किया गया.
राजनीतिक पृष्ठभूमि: गौरतलब है कि 17 अप्रैल को लोकसभा में वोटिंग के दौरान इस विधेयक के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े थे. संविधान संशोधन के लिए आवश्यक 352 वोटों (दो-तिहाई बहुमत) की कमी के कारण यह ऐतिहासिक बिल पास नहीं हो सका, जिसके बाद से ही बीजेपी आक्रामक रुख अपनाए हुए है.
