गढ़वा. जिला मुख्यालय और आसपास के फोरलेन बाईपास इलाकों में बालू लदे ट्रैक्टरों के कारण रात के समय बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने खुद कमान संभालते हुए देर रात अवैध बालू परिवहन के खिलाफ औचक गश्ती अभियान चलाया. इस औचक कार्रवाई से बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया और मौके से अवैध बालू ले जा रहे तीन ट्रैक्टरों को रंगे हाथ पकड़ा गया.
बीच सड़क पर बालू गिराकर भागने की कोशिश
प्रशासनिक टीम को देखकर माफियाओं ने भागने का पूरा प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उन्हें धर दबोचा:
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पकड़े गए वाहन: जब्त किए गए वाहनों में एक पूरी तरह बालू से लदा ट्रैक्टर पतरिया डुमरिया निवासी मुकेश तिवारी का है.
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चालकों की चालाकी: अन्य दो ट्रैक्टर सुनील जायसवाल (निवासी छतरपुर) और मनीष पांडेय के हैं. कार्रवाई की भनक लगते ही इन दोनों ट्रैक्टरों के चालकों ने पकड़े जाने के डर से बीच सड़क पर ही बालू अनलोड कर दिया और गाड़ी मोड़कर भागने लगे, जिन्हें टीम ने खदेड़कर पकड़ा.
आदतन दोषियों पर बीएनएसएस के तहत वारंट
एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि ये तीनों ट्रैक्टर मालिक पहले भी बालू चोरी के मामलों में लिप्त पाए जा चुके हैं.
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गिरफ्तारी वारंट: बार-बार चेतावनी के बाद भी बाज न आने पर प्रशासन ने इन्हें आदतन दोषी मानते हुए बीएनएसएस (BNSS) की धारा 110 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है और इनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है.
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वसूली: इन पर नियम संगत भारी जुर्माना लगाया जाएगा. जुर्माना न देने की स्थिति में ‘नीलामपत्रवाद’ (Certificate Case) के जरिए इनकी संपत्ति से वसूली की जाएगी.
टोल प्लाजा से मांगी गई 4 रातों की सीसीटीवी फुटेज
बाईपास पर रातभर तेज और अनियंत्रित गति से दौड़ने वाले ट्रैक्टरों के पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए एसडीएम ने बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने संबंधित टोल प्लाजा प्रबंधन को बीते चार रातों की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, ताकि इस अवैध धंधे में शामिल अन्य गाड़ियों को चिन्हित किया जा सके.
उपायुक्त को सौंपी जाएगी गोपनीय रिपोर्ट
एसडीएम संजय कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा कि देर रात तेज रफ्तार से दौड़ने वाले बालू ट्रैक्टर केवल अवैध खनन का विषय नहीं हैं, बल्कि यह आम जनता की जान-माल की सुरक्षा और गंभीर विधि-व्यवस्था से जुड़ा मामला है. स्थानीय स्तर पर फीडबैक लेकर इस पूरे रैकेट की एक गोपनीय रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही उपायुक्त (डीसी) को सौंपा जाएगा. जिला खनन पदाधिकारी और खनन निरीक्षक को भी नियमित छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल व मजिस्ट्रेट मुहैया कराने का भरोसा दिया गया है.
