चतरा. चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक सड़क दुर्घटना की खबर आई है. यहाँ हंटरगंज-चतरा मुख्य मार्ग पर शुक्रवार की देर रात एक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रेलर ने मोटरसाइकिल सवार युवक को कुचल दिया, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई. यह भीषण हादसा नागिनदाहा पुल के समीप घटित हुआ. मृतक की पहचान हंटरगंज बाजार निवासी व्यवसायी बिहारी गुप्ता के 28 वर्षीय पुत्र रोशन कुमार गुप्ता उर्फ मुन्ना के रूप में की गई है. इस असमय और दुखद मौत के बाद से पूरे हंटरगंज बाजार क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है और शोक की लहर है.
पेट्रोल पंप से घर वापसी के दौरान काल बना तेज रफ्तार ट्रेलर
परिजनों और चश्मदीदों से मिली जानकारी के अनुसार, रोशन रोज की तरह रात में अपना काम निपटा रहा था:
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बाइक में तेल डलवाने गया था: रोशन कुमार गुप्ता अपनी अपाची मोटरसाइकिल से डुमरी जिया पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने गया था.
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आमने-सामने की टक्कर: पेट्रोल भरवाकर जब वह वापस हंटरगंज बाजार स्थित अपने घर लौट रहा था, तभी डोभी की ओर से चतरा की तरफ जा रहे एक बेहद तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रेलर ने नागिनदाहा पुल के पास उसे अपनी चपेट में ले लिया.
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क्षत-विक्षत हुआ शव: टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रोशन की मौके पर ही जान चली गई. दुर्घटना में उसका चेहरा बुरी तरह कुचल गया और अपाची बाइक के परखच्चे उड़ गए.
घटनास्थल पर छूटा ट्रेलर का नंबर प्लेट, छत्तीसगढ़ का हो सकता है वाहन
हादसे की भयावह आवाज सुनकर आस-पास के लोग दौड़े, लेकिन तब तक आरोपी चालक अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन सहित भागने में सफल रहा. सूचना मिलते ही हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे:
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शव को कब्जे में लिया: पुलिस ने रात में ही शव को अपने कब्जे में लिया और कागजी कार्रवाई करते हुए थाने ले आई.
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अहम सुराग हाथ लगा: राहत और तफ्तीश के दौरान पुलिस को दुर्घटनास्थल से भाग रहे ट्रेलर का टूटा हुआ ‘नंबर प्लेट’ बरामद हुआ है.
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छत्तीसगढ़ से जुड़ा लिंक: प्रारंभिक जांच और नंबर प्लेट के सीरीज से पुलिस को अंदेशा है कि दुर्घटना को अंजाम देने वाला भारी वाहन छत्तीसगढ़ (CG) राज्य में पंजीकृत है. पुलिस इस नंबर के आधार पर टोल प्लाजा के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है.
इकलौता छोटा बेटा था रोशन, बर्तन की दुकान चलाकर संभालता था परिवार
शनिवार को हंटरगंज थाना पुलिस ने सदर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया. जैसे ही रोशन का शव उसके पैतृक आवास पहुंचा, परिजनों के करुण क्रंदन और चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया. मोहल्ले के जिस भी व्यक्ति ने रोशन का क्षत-विक्षत शव देखा, उसकी आंखें नम हो गईं. स्थानीय लोगों ने बताया कि रोशन अपने माता-पिता का सबसे छोटा और लाडला पुत्र था. वह हंटरगंज बाजार में ही बर्तनों की दुकान चलाता था और अपनी कड़ी मेहनत से परिवार के भरण-पोषण में हाथ बंटाता था.
प्रशासन के दावों से नाराज हैं ग्रामीण, भारी वाहनों पर पाबंदी की मांग
इस हादसे के बाद हंटरगंज के स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों में जिला प्रशासन व परिवहन विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है.
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नो-एंट्री हटने से बढ़ा खतरा: ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य मार्ग से ‘नो-एंट्री’ की व्यवस्था को शिथिल या समाप्त किए जाने के बाद से इस रूट पर भारी मालवाहक वाहनों और 10-चक्का ट्रकों की आवाजाही बेतहाशा बढ़ गई है. हाइवे पर इन भारी गाड़ियों के चालक बेहद लापरवाही और अत्यधिक गति से वाहन दौड़ाते हैं, जिससे राहगीरों और बाइक सवारों की जान हमेशा हलक में अटकी रहती है.
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खोखले साबित हुए वादे: लोगों का कहना है कि पूर्व में हुए हादसों के समय भी पुलिस-प्रशासन ने स्पीड गवर्नर, गति सीमा पर नियंत्रण और मुख्य मोड़ों पर सुरक्षा बल तैनात करने का भरोसा दिया था, लेकिन वे तमाम आश्वासन महज कागजी साबित हुए. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि भारी वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो वे सड़क जाम कर उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे.
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