रांची. राजधानी रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज अपहरण का मामला सामने आया है. गौरीशंकर नगर निवासी महेंद्र दुबे के पुत्र अमन का अपराधियों ने अपहरण कर परिजनों से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी. घटना की जानकारी मिलते ही डोरंडा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज दो घंटे के भीतर अपहृत युवक को सकुशल सुरक्षित बरामद कर लिया.
पुलिस ने इस वारदात में शामिल तीन आरोपियों—आयुष, शुभम और यथार्थ को गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है.
10 लाख की मांगी फिरौती, दी हत्या की धमकी
मामले की दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़ित पिता महेंद्र दुबे ने बताया कि 22 जुलाई की रात करीब 10:11 बजे उनकी पत्नी के मोबाइल पर एक अज्ञात कॉल आया.
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बिग बास्केट ऑफिस से अपहरण: कॉल करने वाले ने बताया कि उनके बेटे अमन का ‘बिग बास्केट’ ऑफिस के पास से अपहरण कर लिया गया है.
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दी जान से मारने की धमकी: आरोपियों ने अमन को सही-सलामत छोड़ने के बदले 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की और धमकी दी कि यदि पैसे जल्द नहीं पहुंचाए गए, तो अमन की हत्या कर दी जाएगी.
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पुलिस से लगाई गुहार: धमकी से घबराए पिता तुरंत डोरंडा थाना पहुंचे और पुलिस को पूरी आपबीती सुनाकर केस दर्ज कराया. जांच में आयुष, शुभम, यथार्थ, प्रिंस और 4 अज्ञात लोगों की संलिप्तता सामने आई.
रिंग रोड के पास घेराबंदी कर पुलिस ने दबोचा
एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस टीम तुरंत एक्शन में आ गई:
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लोकेशन ट्रैक कर पीछा: पुलिस ने अपहृत युवक और आरोपियों के मोबाइल लोकेशन के आधार पर उनकी तलाश शुरू की. आरोपी पुलिस से बचने के लिए स्कॉर्पियो में बिठाकर शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमते रहे, लेकिन पुलिस ने उनका पीछा जारी रखा.
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रिंग रोड के पास दबोचा: आखिरकार पुलिस ने रणनीतिक घेराबंदी करते हुए रिंग रोड के पास स्कॉर्पियो को रोक लिया और तीनों आरोपियों को धर दबोचा तथा अमन को सकुशल छुड़ा लिया.
आरोपियों का पुराना रहा है आपराधिक इतिहास
पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि पकड़े गए तीनों आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है. वे पहले भी मारपीट और जानलेवा हमले (Attempt to Murder) जैसे संगीन मामलों में जेल जा चुके हैं. पुलिस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों (प्रिंस व अन्य) की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.
