बिहार. बिहार के किशनगंज जिले में नदियों का सीना चीरकर किए जा रहे बालू और मिट्टी के अवैध खनन के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक कार्रवाई को अंजाम दिया है. जिलाधिकारी (DM) विशाल राज और पुलिस अधीक्षक (SP) संतोष कुमार की संयुक्त कमान में गुरुवार की अहले सुबह करीब 04:00 बजे से जिले के तमाम संवेदनशील और चिन्हित इलाकों में एक साथ ‘सरप्राइज रेड’ (औचक छापेमारी) शुरू की गई. प्रशासन की इस अचानक हुई चौतरफा घेराबंदी से अवैध खनन के सिंडिकेट में शामिल माफियाओं और उनके गुर्गों को संभलने या भागने तक का मौका नहीं मिला.
विभिन्न घाटों पर एक साथ चला हंटर, 70 से अधिक नावें की गईं नष्ट
प्रशासनिक और पुलिस की संयुक्त टीम ने पुख्ता खुफिया इनपुट के आधार पर जिले के उन सभी हॉटस्पॉट (चिन्हित अड्डों) पर एक साथ दबिश दी, जहां लंबे समय से चोरी-छिपे बालू निकाला जा रहा था:
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इन घाटों पर हुई रेड: इस महाभियान के तहत अमल झाड़ी, बावन डूबा, ओद्रा, बेलवा, मौजबारी, रहमानी टी स्टेट के पीछे का इलाका, रायपुर और हालामाला सहित अन्य विभिन्न नदी घाटों पर एक साथ भारी बल प्रयोग किया गया.
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नावों का बेड़ा जमींदोज: छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने देखा कि नदियों के बीच (गहरे पानी) से बालू निकालने के लिए अवैध रूप से बड़ी-बड़ी नावों का एक पूरा बेड़ा तैयार किया गया था. प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए खनन में संलिप्त ऐसी 70 से अधिक नावों को मौके पर ही पूरी तरह से नष्ट और जमींदोज कर दिया, ताकि भविष्य में इनका दोबारा उपयोग न हो सके.
लोडिंग में लगे कई ट्रैक्टर जब्त, पुलिस लाइन में कागजातों की स्क्रूटनी
नदी घाटों पर नावों को नष्ट करने के साथ ही पुलिस ने बालू की लोडिंग और अवैध परिवहन में लगे कई ट्रैक्टरों को भी रंगे हाथों पकड़कर जब्त कर लिया है.
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पुलिस लाइन लाए गए वाहन: पकड़े गए सभी ट्रैक्टरों को जिला पुलिस लाइन परिसर लाया गया है.
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कागजातों की जांच: यहाँ जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और खनन विभाग की विशेष टीम द्वारा वाहनों के इंजनों, चेसिस नंबरों और परिचालन संबंधी पेपरों की गहनता से स्क्रूटनी (जांच) की जा रही है.
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लाखों का जुर्माना: अधिकारियों के अनुसार, बिना वैध माइनिंग चालान और रजिस्ट्रेशन के पाए जाने वाले सभी वाहनों पर आर्म्स एक्ट और खनन अधिनियम के तहत लाखों रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाने के साथ-साथ उनके मालिकों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
फील्ड पर मुस्तैद रही जिला प्रशासन की कोर टीम, जीरो टॉलरेंस की चेतावनी
किशनगंज के इतिहास में अवैध खनन पर हुए इस सबसे बड़े प्रहार के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस महकमे की पूरी कोर टीम खुद धरातल पर मोर्चा संभाले हुए थी.
इस व्यापक छापेमारी टीम में मुख्य रूप से अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) अनिकेत कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO-1) खुसरू सिराज और सहायक जिला खनन पदाधिकारी (ADMO) आदित्य कुमार सहित जिले के कई वरीय अधिकारी और भारी संख्या में सशस्त्र जिला पुलिस बल के जवान शामिल रहे. जिला प्रशासन ने दो टूक लहजे में स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई महज एक शुरुआत है और आने वाले दिनों में भी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ यह जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) अभियान लगातार जारी रहेगा.
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