गया में चमत्कार: 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 3 साल के पीयूष ने 7 घंटे तक नहीं छोड़ा मोबाइल; ‘बड़ी मम्मी बाहर निकालो’ की गुहार के बाद सुरक्षित रेस्क्यू

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गया. बिहार के गया जिले के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत गुरपा थाना क्षेत्र के रंगून नगर गांव में शुक्रवार को एक रूह कंपा देने वाली घटना सुखद अंत के साथ समाप्त हुई. यहां 300 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिरे तीन वर्षीय मासूम पीयूष कुमार को प्रशासन और स्थानीय रेस्क्यू टीम ने करीब 7 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया. बोरवेल में गिरने के बाद बच्चा करीब 30 फीट की गहराई पर जाकर फंस गया था. इस बेहद चुनौतीपूर्ण और डरावने माहौल के बीच भी 3 साल के पीयूष ने अद्भुत साहस और धैर्य का परिचय दिया, जिसने रेस्क्यू टीम के साथ-साथ पूरे इलाके के लोगों को हैरान कर दिया.

पैर में आई मामूली सूजन को देखते हुए शुक्रवार सुबह उसे फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से बेहतर जांच और इलाज के लिए गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया गया है.

7 घंटे तक हाथ में दबाए रखा मोबाइल, बड़ी मां से करता रहा बात

पीयूष की मां प्रमिला देवी और बड़ी मां रंजू देवी ने बताया कि यह हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चा अपनी मां का हाथ पकड़कर खेत की ओर जा रहा था:

  • बोरे से ढका था बोरवेल: रास्ते में बोरे से ढककर छोड़े गए एक खुले बोरवेल पर पीयूष का पैर पड़ गया और वह सीधे अंदर समा गया.

  • हिम्मत नहीं हारी: गिरने के बाद भी पीयूष ने हिम्मत नहीं खोई. वह लगातार नीचे से अपनी बड़ी मां को आवाज लगाता रहा और कहता रहा, “बड़ी मम्मी, बाहर निकाल दो.”

  • मोबाइल की अनोखी जिद: पीयूष जब बोरवेल में गिरा था, तब उसके एक हाथ में मोबाइल था. हैरत की बात यह रही कि पूरे 7 घंटे तक उसने वह मोबाइल हाथ से नहीं छोड़ा. जब उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया, तब भी मोबाइल उसके हाथ में ही दबा था.

अस्पताल में मासूमियत: सेवई देखकर बोला- ‘चम्मच से ही खाऊंगा’

सफल रेस्क्यू के बाद पीयूष को तत्काल फतेहपुर सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जांच की और उसे पूरी तरह स्वस्थ पाया. अस्पताल में भर्ती होने के बाद पीयूष की मासूमियत ने सबका दिल जीत लिया. जब अस्पताल के गार्ड ने उसके लिए सेवई मंगवाई, तो उसने तपाक से कहा, “चम्मच रहेगा तभी खाऊंगा.” इसके बाद मां ने उसे चम्मच से पूरी और सेवई खिलाई.

फतेहपुर सीएचसी के चिकित्सक डॉ. पल्लव चौबे ने बताया कि बच्चा पूरी तरह से ठीक है. हालांकि, 7 घंटे तक लगातार पैर एक ही स्थिति में मुड़े रहने की वजह से शुक्रवार सुबह उसके पैर में हल्की सूजन दिखाई दी, जिसके कारण एहतियात के तौर पर उसे बेहतर एक्स-रे और विस्तृत जांच के लिए मगध मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. घटना के वक्त बच्चे के पिता दिनेश मांझी महाराष्ट्र में थे, जो सूचना मिलने के बाद ट्रेन से गया के लिए रवाना हो चुके हैं.

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