रांची. झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार दोपहर हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निगम की जल निकासी (ड्रेनेज) व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी. करीब डेढ़ से दो घंटे की भीषण बारिश के बाद शहर की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग गया और कई प्रमुख सड़कें पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गईं. राजधानी के विभिन्न इलाकों में दो से तीन फीट तक पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को सड़क और गड्ढों का अंतर पता नहीं चल पा रहा था. साइलेंसर और इंजन में पानी घुसने से दर्जनों गाड़ियां बीच सड़क पर ही बंद हो गईं, जिसके चलते काली टावर, लालपुर, जयपाल सिंह स्टेडियम और बकरी बाजार जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों पर करीब एक घंटे तक भीषण ट्रैफिक जाम लगा रहा.
सेवा सदन पथ बना टापू, हलधर प्रेस गली के घरों में घुसा पानी
बारिश के दौरान सबसे खराब स्थिति सेवा सदन मार्ग और आवासीय कॉलोनियों की रही:
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सेवा सदन पथ जलमग्न: इस मार्ग पर दूर-दूर तक सिर्फ पानी का साम्राज्य नजर आ रहा था. कई कारों और ऑटो के इंजन पानी में डूब गए, जिससे इस रूट पर करीब दो घंटे तक आवाजाही पूरी तरह ठप रही.
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8 साल से बदहाल हलधर प्रेस गली: पिछले आठ वर्षों से जलजमाव की मार झेल रहे इस इलाके की तस्वीर इस बार भी नहीं बदली. नालियों का गंदा पानी लोगों के घरों में घुस गया और घरेलू सामान पानी में तैरता नजर आया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सांसद, विधायक और निगम अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
खोरहाटोली पुल के ऊपर बहा पानी, पुराना हादसा याद कर सहमे लोग
कोकर के खोरहाटोली स्थित पुलिया मूसलाधार बारिश के बाद पूरी तरह जलमग्न हो गई और पानी पुल के काफी ऊपर से बहने लगा. पानी का रफ्तार इतनी तेज थी कि वाहन चालक पुल पार करने की हिम्मत नहीं जुटा सके. गौरतलब है कि कुछ वर्ष पहले इसी पुलिया पर पानी के तेज बहाव में हजारीबाग के उमेश राणा बह गए थे, जिनकी मौत हो गई थी. इस डरावने अतीत के बावजूद प्रशासन ने न तो पुल की ऊंचाई बढ़ाई और न ही कोई सुरक्षात्मक इंतजाम किए.
शहर के अन्य प्रमुख इलाकों का हाल:
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रांची रेलवे स्टेशन व ओवरब्रिज: स्टेशन के मुख्य निकास द्वार पर भारी जलजमाव के कारण वाहनों के लिए वन-वे व्यवस्था लागू करनी पड़ी. वहीं स्टेशन ओवरब्रिज के नीचे नालियों का काला और बदबूदार पानी सड़क पर ओवरफ्लो करने लगा.
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कचहरी रोड व मेन रोड: कचहरी रोड स्थित गणगौर गली में पानी कई अपार्टमेंट्स के बेसमेंट और घरों में घुस गया. वहीं मेन रोड स्थित ऐतिहासिक दुर्गा बाड़ी मंदिर के गर्भगृह और परिसर में पानी घुसने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ी.
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पुंदाग व बांधगाड़ी: पुंदाग का तारा नगर इलाका पूरी तरह टापू बन गया और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए. उधर बांधगाड़ी दीपाटोली में निर्माणाधीन नाली पानी में विलीन हो गई, जिसके बाद राहगीर हाथ में डंडा लेकर सड़क का अंदाजा लगाते हुए पार होते दिखे.
