साहिबगंज. झारखंड के साहिबगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र से साइबर अपराध का एक बेहद हैरान और सतर्क करने वाला मामला सामने आया है. यहाँ कृष्णानगर स्थित ‘एन क्लब’ के समीप रहने वाले शंकर मंडल साइबर ठगों के नए पैंतरे (हैकिंग) का शिकार हो गए हैं. शातिर साइबर अपराधियों ने पीड़ित का मोबाइल फोन हैक कर उनके बैंक खाते से 96,666 रुपये की अवैध निकासी कर ली. चौंकाने वाली बात यह है कि इस ठगी के दौरान पीड़ित के पास न तो कोई फोन कॉल आया और न ही कोई ओटीपी (OTP) शेयर किया गया. मामले को लेकर पीड़ित ने नगर थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय और राशि वापस दिलाने की गुहार लगाई है.
चार्जिंग में लगा था फोन, अचानक स्क्रीन हुई ब्लैक और आने लगी आवाजें
पीड़ित शंकर मंडल ने नगर थाने को दिए अपने लिखित आवेदन में 6 जून 2026 को घटित इस पूरी वारदात का सिलसिलेवार विवरण दिया है:
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लापरवाही का फायदा: शनिवार को शंकर मंडल अपने मोबाइल फोन को चार्जिंग में लगाकर कुछ समय के लिए घर से बाहर किसी काम से गए थे.
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अजीब हरकत: जब वे कुछ देर बाद वापस कमरे में लौटे, तो देखा कि उनके मोबाइल की स्क्रीन पूरी तरह ‘ब्लैक’ (काली) हो चुकी थी. फोन के भीतर से कुछ अजीब सी ऑडियो (सरसराहट या बातचीत) जैसी आवाजें आ रही थीं.
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सिस्टम फ्रीज: उन्होंने बटन दबाकर मोबाइल को सामान्य करने का काफी प्रयास किया, लेकिन टच और सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया था. करीब 15 से 20 मिनट तक इसी तरह स्क्रीन ब्लैक रहने के बाद फोन अचानक अपने आप चालू (रीबूट) हो गया.
बिना ओटीपी (OTP) यूपीआई के जरिए साफ हुआ बैंक खाता
जैसे ही मोबाइल स्क्रीन सामान्य हुई, शंकर मंडल के होश उड़ गए. उनके फोन के इनबॉक्स में बैंक से पैसे कटने का मैसेज (आधिकारिक नोटिफिकेशन) आया हुआ था:
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यूपीआई से ठगी: अपराधियों ने मोबाइल हैकिंग के जरिए उनके बैंक खाते तक रिमोट एक्सेस पा लिया था और बिना किसी इनपुट के यूपीआई (UPI) के माध्यम से किस्तों में कुल 96,666 रुपये की अवैध निकासी कर ली.
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बिना कॉल के फ्रॉड: पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि ठगी के वक्त न तो उन्हें कोई अनजान लिंक आया था, न ही उन्होंने किसी को ओटीपी बताया और न ही किसी लॉटरी या बैंक अधिकारी से संबंधित कोई फोन कॉल ही अटेंड की थी. इससे साफ है कि अपराधियों ने स्क्रीन मिररिंग या किसी खतरनाक मैलवेयर सॉफ्टवेयर के जरिए फोन हैक किया था.
1930 नेशनल हेल्पलाइन पर शिकायत, जांच में जुटी पुलिस
शंकर मंडल ने वित्तीय नुकसान के तुरंत बाद सूझबूझ दिखाते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई, ताकि ठगे गए पैसों को संबंधित गेटवे पर होल्ड (फ्रीज) कराया जा सके. इसके बाद उन्होंने साहिबगंज नगर थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई.
अमित गुप्ता (नगर थाना प्रभारी, साहिबगंज): “पीड़ित शंकर मंडल का आवेदन प्राप्त हो चुका है. प्रथम दृष्टया यह मामला किसी संदिग्ध मैलवेयर या रिमोट एक्सेस ऐप के जरिए मोबाइल डिवाइस हैक करने का प्रतीत हो रहा है. पुलिस की तकनीकी सेल (Technical Cell) और साइबर एक्सपर्ट्स बैंक ट्रांजैक्शन आईडी और आईपी एड्रेस के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं. अपराधियों को चिन्हित कर जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.”
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