पश्चिमी सिंहभूम. झारखंड के नोवामुंडी क्षेत्र में खराब मौसम और तकनीकी खराबी के कारण पिछले 15 घंटों से जारी बिजली संकट बुधवार सुबह समाप्त हो गया. मंगलवार शाम 7 बजे से गुल हुई बिजली बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे बहाल की जा सकी, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों ने राहत की सांस ली.
ग्रिड में खराबी बनी मुख्य वजह
बिजली विभाग के अनुसार, केन्दपोशी ग्रिड के 132 केवी टावर में ‘फेज प्रॉब्लम’ आने के कारण आपूर्ति ठप हो गई थी. जूनियर इंजीनियर ने बताया कि तकनीकी टीम रात से ही मरम्मत कार्य में जुटी थी. हालांकि दोपहर 12 बजे तक का समय दिया गया था, लेकिन टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 10:30 बजे ही सप्लाई चालू कर दी.
अंधेरे में बीती रात, उमस ने छुड़ाए पसीने
बिजली कटने का असर पूरे क्षेत्र पर व्यापक रूप से पड़ा:
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उमस भरी गर्मी: रात भर बिजली न रहने और भारी उमस के कारण लोग सो नहीं सके.
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संचार व्यवस्था ठप: लंबे पावर कट की वजह से लोगों के मोबाइल फोन डिस्चार्ज हो गए, जिससे न केवल संपर्क टूटा बल्कि ऑनलाइन भुगतान और बैंकिंग कार्य भी प्रभावित रहे.
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बाजार पर असर: अंधेरे के कारण बाजारों में सन्नाटा रहा और व्यापारिक गतिविधियां ठप रहीं.
पानी के लिए मची रही किल्लत
बिजली गुल होने का सबसे गंभीर असर जल आपूर्ति पर दिखा.
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मोटर ठप: घरों में पानी की टंकियां खाली हो गईं, जिससे दैनिक कार्यों में भारी परेशानी हुई.
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पीने का पानी: ग्रामीण जलापूर्ति योजना प्रभावित होने के कारण लोग पीने का पानी खरीदने को मजबूर दिखे.
शादी-समारोहों में जेनरेटर का सहारा
शादी-विवाह के मौसम के बीच इस पावर कट ने आयोजकों की चिंता बढ़ा दी. लोगों को जेनरेटर का सहारा लेना पड़ा, लेकिन क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती मांग ने भी मुश्किलें पैदा कीं. फिलहाल बिजली बहाल होने के बाद स्थिति सामान्य हो रही है, लेकिन बार-बार होने वाले पावर कट को लेकर स्थानीय लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी भी देखी जा रही है.
