धनबाद के SNMMCH में हंगामा: इलाज के दौरान उग्र हुआ पश्चिम बंगाल का युवक; माइनर ओडी में तोड़फोड़ से मची अफरा-तफरी, पुलिस ने शांत कराकर भेजा कांके

धनबाद

धनबाद. धनबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) परिसर में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब इलाज कराने आए एक विक्षिप्त (मानसिक रूप से अस्वस्थ) युवक ने अचानक हिंसक होकर जमकर तांडव मचाया. मरीज के इस अप्रत्याशित और उग्र व्यवहार के कारण अस्पताल के माइनर ओटी (Operation Theatre) और ओपीडी ब्लॉक में कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों, डॉक्टरों और परिजनों ने उसे काबू में करने की भरपूर कोशिश की, लेकिन जब कामयाबी नहीं मिली तो आपात स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस को बुलाना पड़ा.

पश्चिम बंगाल से इलाज कराने आया था परिवार, माइनर OT में फेंके उपकरण

अस्पताल प्रबंधन और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से यहाँ पहुंचा था:

  • जांच के दौरान भड़का गुस्सा: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर के रहने वाले रत्नाकर सरकार अपने 17 वर्षीय बेटे का मानसिक उपचार कराने के लिए रविवार को एसएनएमएमसीएच लेकर आए थे.

  • दहशत का माहौल: ऑन-ड्यूटी डॉक्टर जब माइनर ओटी के समीप उसकी प्राथमिक जांच और केस हिस्ट्री समझने का प्रयास कर रहे थे, तभी युवक अचानक उग्र हो गया. उसने चिल्लाते हुए माइनर ओटी के भीतर रखे सर्जिकल उपकरण, दवाइयां और अन्य कीमती सामान उठाकर इधर-उधर फेंकना और तोड़ना शुरू कर दिया. उसे इस रूप में देखकर वार्ड में मौजूद अन्य मरीज और उनके तीमारदार जान बचाकर बाहर की ओर भागे.

सरायढेला पुलिस ने सूझबूझ से किया काबू, रांची के कांके रेफर

वार्ड बॉय और गार्ड्स के लाख समझाने के बाद भी जब युवक का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वह खुद को व दूसरों को चोट पहुंचाने पर आमादा हो गया, तो तुरंत अस्पताल परिसर स्थित सरायढेला पुलिस चौकी को इसकी लिखित सूचना दी गई:

  1. सुरक्षित रेस्क्यू: सूचना मिलते ही सरायढेला पुलिस के जवान तुरंत माइनर ओटी पहुंचे. पुलिसकर्मियों ने बड़ी सूझबूझ और काफी मशक्कत के बाद युवक को बिना किसी चोट के सुरक्षित तरीके से अपने नियंत्रण (काबू) में लिया.

  2. विशेषज्ञ इलाज की सलाह: इसके बाद एसएनएमएमसीएच के वरिष्ठ चिकित्सकों ने युवक की बेहद नाजुक मानसिक स्थिति और आक्रामकता को देखते हुए उसे तत्काल बेहतर एवं विशेषज्ञ इलाज के लिए रांची स्थित कांके मानसिक आरोग्य संस्थान (RINPAS/CIP) रेफर करने की सलाह दी.

  3. रांची रवाना: चिकित्सकों के परामर्श और पुलिस के सहयोग के बाद बदहवास परिजन एम्बुलेंस के जरिए युवक को लेकर तुरंत रांची के लिए रवाना हो गए, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने राहत की सांस ली.

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